Teri Yaad Shayari उन एहसासों का खूबसूरत Collection है, जो किसी अपने की याद आने पर दिल में खुद-ब-खुद उतर जाते हैं। जब कोई इंसान दूर होकर भी हर पल दिल के करीब रहता है, तब उसकी यादें मुस्कान भी देती हैं और आँखें भी नम कर जाती हैं। इस Article में आपको ऐसी Shayari मिलेगी जो प्यार, इंतज़ार, जुदाई, तन्हाई और अधूरी मोहब्बत के हर एहसास को दिल से बयां करती है।
अगर आप किसी खास इंसान को अपनी Feelings शब्दों में बताना चाहते हैं या उसकी याद में कुछ खास पढ़ना चाहते हैं, तो यह Collection आपके लिए है। यहाँ Romantic Yaad Shayari, Sad Shayari, Heart Touching Shayari, Emotional Shayari, True Love Shayari और Bewafa Shayari का बेहतरीन संग्रह दिया गया है। हर Shayari आसान भाषा में लिखी गई है ताकि हर कोई उसे पढ़कर अपने दिल की बात महसूस कर सके।
कई बार यादें इतनी गहरी होती हैं कि इंसान लाख कोशिश करे, फिर भी उन्हें भुला नहीं पाता। ऐसे ही जज़्बातों को ध्यान में रखकर इस Collection को तैयार किया गया है। चाहे आप अपने Partner, Husband, Wife, Girlfriend, Boyfriend या किसी पुराने रिश्ते को याद कर रहे हों, यहाँ आपको हर एहसास के लिए एक खास Shayari मिलेगी। इन Shayari को आप WhatsApp Status, Instagram Caption, Facebook Post या अपने किसी खास इंसान के साथ Share भी कर सकते हैं।
अगर आपको दिल को छू लेने वाली Teri Yaad Shayari पढ़ना पसंद है, तो इस Collection को आखिर तक ज़रूर पढ़ें। हमें उम्मीद है कि यहाँ दी गई Shayari आपके जज़्बातों को शब्द देंगी और आपके दिल को छू जाएँगी। अपनी पसंदीदा Shayari को Share करें और यादों में छिपे प्यार को अपने करीबियों तक पहुँचाएँ।
मोहब्बत से रिहा होना ज़रूरी हो गया है
मेरा तुझसे जुदा होना ज़रूरी हो गया है
वफ़ा के तजुर्बे करते हुए तो उम्र गुजरी
ज़रा सा बेवफा होना ज़रूरी हो गया है।
तेरे इश्क़ ने दिया सुकून इतना
कि तेरे बाद कोई अच्छा न लगे
तुझे करनी है बेवफाई तो इस अदा से कर
कि तेरे बाद कोई बेवफ़ा न लगे।
तेरे दिल का मेरे दिल से,
रिश्ता अजीब है!
मीलों की दूरियां
और धड़कन करीब है!
माना कि तू नहीं है मेरे सामने
पर तू मेरे दिल में बसता हैं
मेरे हर दुख में मेरे साथ होता है
और हर सुख में मेरे साथ हसता है।
उसकी ये मासूम अदा
मुझको बेहद भाती है!
वो मुझसे नाराज़ हो तो
गुस्सा सबको दिखाती है!
कभी ग़म तो कभी तन्हाई मार गयी
कभी याद आ कर उनकी जुदाई मार गयी
बहुत टूट कर चाहा जिसको हमने
आखिर में उनकी ही बेवफाई मार गयी।
अक्सर जब हम उनको याद करते हैं,
अपने रब से यही फरियाद करते हैं,
उम्र हमारी भी लग जाए उनको,
क्योंकि हम उनको खुद से भी ज़्यादा प्यार करते है।
सब खुशियाँ तेरे नाम कर जाएंगे
ज़िन्दगी भी तुझ पे कुर्बान कर जाएँगे
तुम रोया करोगे हमें याद कर के
हम तेरे दामन में इतना प्यार भर जाऐंगे।
आग दिल में लगी जब वो खफ़ा हुए
महसूस हुआ तब, जब वो जुदा हुए
करके वफ़ा कुछ दे ना सके वो
पर बहुत कुछ दे गए जब वो बेवफ़ा हुए।
बिन उस की ज़िंदगी दर्द-ए-तन्हाई है
मेरी आँखों में क्यू मौत सिमट आई है
कहते हैं लोग इश्क़ को इबादत यारो
इबादत में फिर क्यू इतनी रुसवाई है।
दिल की किताब में गुलाब उनका था,
रात की नींद में ख्वाब उनका था,
कितना प्यार करते हो जब हम ने पूछा…
मर जाएंगे तुम्हारे बिना ये जवाब उनका था।
तुम्हारी कसम मेरे सनम
अब हिम्मत नहीं हारेंगे!
मर जायेंगे मगर तेरे सिवा
किसी और को नहीं चाहेंगे।
दिल नहीं लगता आपको देखे बिना;
दिल नहीं लगता आपके बारे में सोचे बिना;
आँखें भर आती हैं यह सोच कर;
कि किस हाल में होंगे आप हमारे बिना।
आपकी परछाई हमारे दिल में है,
आपकी यादें हमारी आँखों में हैं,
आपको हम भुलाएं भी कैसे,
आपकी मोहब्बत हमारी सांसो में हैं।
मैंने भी किसी से प्यार किया था
उनकी रहो में इंतजार किया था
हमें क्या पता वो भूल ज्यांगे हमें
कसूर उनका नहीं मेरा ही था
जो एक बेवफा से प्यार किया था।
कुछ कर अब मेरा भी इलाज ऐ हकीम-ए-मुहब्बत,
हर रात वो याद आता है
और मुझसे सोया नहीं जाता।
मैंने कुछ इस तरह से खुद को संभाला है
तुझे भुलाने को दुनिया का भरम पाला है
अब किसी से मुहब्बत मैं कर नहीं पाता
इसी सांचे में एक बेवफा ने मुझे ढाला है।
तेरी अदाओं से प्यार है
तेरी निगाहों से प्यार है
तेरे होने से होती है ज़िंदगी में खुशी
इतना तेरे एहसास से प्यार हैं।
उसे मैं याद आता तो हूँ
फुरसत के लम्हों में फराज़!
मगर ये हकीकत है,
के उसे फुरसत नहीं मिलती।
नज़ारे मिले तो प्यार हो जाता हैं
पलके उठे तो इज़हार हो जाता हैं
न जाने क्या कशिश हैं चाहत में
के कोई अनजान भी हमारी ज़िन्दगी का हक़दार हो जाता हैं।
मेरे चेहरे की हंसी हो तुम
मेरे दिल की हर ख़ुशी हो तुम
मेरे होंठो की मुस्कान हो तुम
धड़कता है मेरा दिल जिसके लिए
वो मेरी जान हो तुम।
तुम खफा हो गए तो कोई ख़ुशी न रहेगी
तुम्हारे बिना चिरागों में रोशनी न रहेगी
क्या कहे क्या गुजरेगी इस दिल पर
जिंदा तो रहेंगे पर ज़िन्दगी न रहेगी।
न रहा कर उदास ऐ दिल
किसी बेवफा की याद में
वो खुश है अपनी दुनिया में
तेरा सबकुछ उजाड़ के।
कभी तुम्हरी याद आती है
तो कभी तुम्हारे ख्व़ाब आते है
मुझे सताने के सलीके तो तुम्हें
बेहिसाब आते है।
नफरत को मोहब्बत की आँखों में देखा
बेरुखी को उनकी अदाओं में देखा
आँखें नम हुईं और मैं रो पड़ा..
जब अपने को गैरों की बाहों में देखा।
इश्क़ तो बेइंतहा है तुमसे
पर कहा नहीं जाता
करूं भी क्या, मेरा प्यार
दो लफ़्ज़ों में नहीं समाता।
आप ने की बेवफाई
मगर मैं अभी वफ़ा करता हूँ
कही आखो में ना आजाए आँसू
इसलिए मुस्कुराते रहता हूँ।
मैं ख़ामोशी हूँ तेरे मन की
तू अनकहा अलफ़ाज़ मेरा
मैं एक उलझा लम्हा हूँ
तू रूठा हुआ हालात मेरा।
मुझे तुझसे कोई शिकवा या शिकायत नहीं
शायद मेरे नसीब में तेरी चाहत नहीं है
मेरी तकदीर लिखकर खुदा भी मुकर गया
मैंने पूछा तो बोला ये मेरी लिखावट नहीं है।
खुद को समेट के,
खुद में सिमट जाते है हम,
जब याद तेरी आती है,
फिर से बिखर जाते है हम।
- किसी को खबर तक ना थी
- बस तेरा मोड़ मोड़ कर देखना
- हमें बदनाम कर गया।
अगर छोड़ दूँ कलम तो…
तेरी यादें मर जायेँगी…!!
और अगर छोड़ दूँ तेरी यादों को
तो मैं मर जाऊँगा।
जब भी उनकी गली से गुज़रते हैं
मेरी आँखें एक दस्तक दे देती हैं
दुःख ये नहीं वो दरवाजा बंद कर देते हैं
ख़ुशी ये है कि वो मुझे पहचान लेते हैं।
दिल से रोये मगर होंठो से मुस्कुरा बैठे
यूँ ही हम किसी से वफ़ा निभा बैठे
वो हमे एक लम्हा न दे पाए प्यार का
और हम उनके लिये जिंदगी लुटा बैठे।
तेरी यादो को पसन्द आ गई है
मेरी आँखों की नमी,
हँसना भी चाहूँ तो
रूला देती है तेरी कमी।
खता हो गयी तो फिर सज़ा सुना दो,
दिल में इतना दर्द क्यूँ है वजह बता दो,
देर हो गयी याद करने में जरूर,
लेकिन तुमको भुला देंगे ये ख्याल मिटा दो।
जिन फूलों को संवारा था
हमने अपनी मोहब्बत से!
हुए खुशबू के काबिल तो
बस गैरों के लिए महके।
कैसे अजीब लोग बसते हैं
तेरे शहर में,
शौक ए दोस्ती भी रखते हैं
और याद भी नहीं करते।
मोहब्बत की सजा बेमिसाल दी उसने
उदास रहने की आदत सी डाल दी उसने
मैंने जब अपना बनाना चाहा उसको
बातों-बातों में बात टाल दी उसने।
अंजाने में हम अपना दिल गवां बैठे
इस प्यार मे कैसा धोखा कर बैठे
उनसे क्या गिला करे… भूल हमारी थी
बिना दिलवालों से दिल लगा बैठे।
पल-पल उसका साथ निभाते हम
एक इशारे पर दुनिया छोड़ जाते हम
समन्दर के बीच में फरेब किया उसने
कहते तो किनारे पर ही डूब जाते हम।
वो एक अजनबी है मगर रूह पास लगता है
मेरी तरह मुझे वो भी उदास लगता है
करूँ तलाश तो हो शक वजूद पर उसके
जो आँखें बंद करूँ तो आस-पास लगता है।
इश्क करना तो लगता है जैसे
मौत से भी बड़ी एक सजा है
क्या किसी से शिकायत करें हम
जब अपनी तकदीर ही बेवफा है।
अभी तक समझ नहीं पाये तेरे इन फैसलो को
ऐ खुदा..!
उसके हक़दार हम नहीं..
या…
हमारी दुआओ में दम नहीं।
तुमसे ही रूठ कर
तुम्ही को याद करते हैं
हमे तो ठीक से
नाराज़ होना भी नहीं आता।
इज़ाज़त हो तो लिफाफे में रखकर,
कुछ वक़्त भेज दूं,
सुना है कुछ लोगों को फुर्सत नहीं है,
अपनों को याद करने की।
प्यार सभी को जीना सिखा देता है
वफा के नाम पर मरना सिखा देता है
प्यार नहीं किया तो कर के देख लो यारों
जालिम हर दर्द सहना सिखा देता है।
आता नही था हमें इकरार करना,
ना जाने कैसे सीख गये प्यार करना
रुकते ना थे दो पल कभी किसी के लिए
ना जाने कैसे सीख गये इंतेज़ार करना।
अब जो मेरे न हो सको
तो कुछ ऐसा कर देना
मैं जैसा पहले था
मुझे फिर से वैसा कर देना।
आज फिर मुमकिन नही कि,
मैं सो जाऊँ;
यादें फिर बहुत आ रही हैं,
नींदें उड़ाने वाली!
कभी जो हम से प्यार बेशुमार करते थे
कभी जो हम पर जान निसार करते थे
भरी महफ़िल में हमको बेवफा कहते हैं
जो खुद से ज़्यादा हमपर ऐतबार करते थे।
वफ़ा की ज़ंज़ीर से डर लगता है
कुछ अपनी तक़दीर से डर लगता है
जो मुझे तुझसे जुदा करती है
हाथ की उस लकीर से डर लगता है।








