कभी-कभी दर्द इतना गहरा होता है कि उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे ही एहसासों को बयां करती है Maut Shayari। यह सिर्फ मौत की बात नहीं करती, बल्कि टूटे हुए सपनों, अधूरी मोहब्बत, तन्हाई, बेवफाई और ज़िंदगी के उन लम्हों की कहानी कहती है जिन्हें हर कोई महसूस तो करता है, लेकिन कह नहीं पाता।
इस Collection में आपको Heart Touching Maut Shayari, Sad Maut Shayari, Emotional Shayari, Dard Bhari Shayari, Life Reality Shayari और Broken Heart Shayari का बेहतरीन Collection मिलेगा। हर Shayari दिल की गहराइयों से निकले हुए जज़्बातों को बयां करती है।
अगर आप अपने दर्द को शब्द देना चाहते हैं या Social Media पर एक Meaningful Status Share करना चाहते हैं, तो यहाँ दी गई Maut Shayari in Hindi आपके लिए एक बेहतरीन Collection साबित होगी।
नीचे दी गई सभी Shayari को ध्यान से पढ़ें, अपने पसंदीदा Quotes को Save करें और अपने दोस्तों के साथ Share करना न भूलें।
न जाने किस गुनाह की सजा दे दी,
उसे लिखकर किसी और के नसीब में,
मेरे खुदा ने ही मुझे मौत दे दी.
हाथ पढ़ने वाले ने तो परेशानी में डाल दिया मुझे…
लकीरें देखकर बोला,
तू मौत से नहीं,
किसी की याद में मरेगा।
मौत को तो यूँ ही बदनाम करते हैं लोग,
तकलीफ तो साली ज़िंदगी देती है! 😭
छोड़ दिया मुझको आज मेरी मौत ने ये कहकर,
हो जाओ जब ज़िंदा,
तो खबर कर देना!
पता नहीं कौन सा ज़हर मिलाया था
मोहब्बत में तुमने,
न ज़िंदगी अच्छी लगती है,
ना ही मौत आती है।
मौत से कह दो कि हमसे नाराज़गी खत्म कर ले अब,
वो भी बहुत बदल गए हैं
जिनके लिए जिया करते थे हम।
मौत की हिम्मत कहाँ थी मुझसे टकराने की,
कमबख्त ने मोहब्बत को
मेरी सुपारी दे डाली।
मर कर भी तड़पती हूँ तेरे इंतज़ार में,
आग लग गई है इस दिल-ए-बेक़रार में।
मिलने में क्या मज़ा है जो है इंतज़ार में,
दर्द उभरता है कदम रखते ही प्यार में…
ज़िंदगी ज़ख्मों से भरी है,
वक्त को मरहम बनाना सीख लो।
हारना तो है एक दिन मौत से,
फिलहाल ज़िंदगी जीना सीख लो।
मिल जाएँगे कुछ हमारी भी तारीफ़ करने वाले,
कोई हमारी मौत की अफवाह तो उड़ाओ यारों।
शुक्रिया ऐ क़ब्र तक पहुँचाने वालों, शुक्रिया।
अब अकेले ही चले जाएँगे
इस मंज़िल से हम।
खाली हाथ लौट आने
की आदत डाल ले ऐ दिल,
सज़ा-ए-मौत तोहफ़े में
मिल जाती है इस ज़माने में।
मुझे यार कहने वाले,
दोस्ती का फ़र्ज़ अदा करना।
जीने की ना सही,
पर मेरे मरने की दुआ करना।
जीते जी कदर करनी हो तो करो,
वरना मौत के बाद
नफ़रत करने वाले भी रो देते हैं।
इश्क कहता है मुझे एक बार करके देख,
तुझे मौत से न मिलवा दिया
तो मेरा नाम बदल देना।
उड़ा ले जाएँगी चंद साँसें ही वो,
इससे ज़्यादा
मौत मेरा क्या ले जाएगी।
अर्ज़ किया है—
मौत में क्या रखा है,
मज़ा तो जीने में है।
ज़िंदगी को क्यों छोड़कर जाना,
मज़ा तो यहीं रहने में है।
तमाम उम्र जो हमसे बेरुख़ी की सबने,
कफ़न में हम भी अज़ीज़ों से
मुँह छुपाकर चले।
उन दो पंक्तियों में
मैंने अपनी पूरी कहानी लिख दी।
मौत बड़ी पास से गुज़री,
ज़िंदगी ने होंठों पर झूठी मुस्कुराहट रख दी।








